Jap Ji Sahib Hindi PDF
जपजी साहिब पाठ हिंदी में पीडीएफ (Japji Sahib Path in Hindi PDF) उन पाठकों के लिए तैयार की गई है जो सही मात्राओं के साथ जपजी साहिब पढ़ना चाहते हैं। यह पूरी जपजी साहिब पीडीएफ हिंदी में बिना अनुवाद के है — केवल शुद्ध उच्चारण के लिए देवनागरी लिपि में लिप्यंतरित। इसे मोबाइल या प्रिंट दोनों पर आसानी से पढ़ा जा सकता है और नितनेम के दौरान इस्तेमाल किया जा सकता है।
| Book | Japji Sahib Hindi PDF |
| Writer | Guru Nanak Dev Ji |
| Editor | Guru Arjan Dev Ji |
| Pages | 30 |
| Language | Hindi |
| Script | Devnagari |
| Size | 227 KB |
| Format | |
| Publisher | Sikhizm.com [Public Domain] |
Japji Sahib Hindi PDF is specially written for Hindi Knowing people usually pronouncing Gurbani with the wrong Maatraas. We have re-written the words of Japji Sahib for easy reading in the Devnagari Script. If you find any issues or mistakes with the file, please leave a comment below.
इस पीडीएफ में क्या शामिल है
- पूरा जपजी साहिब पाठ हिंदी में (सभी 38 पौड़ियाँ)
- शुद्ध उच्चारण अनुसार मात्राएँ
- मूल मंत्र और सलोक सहित
- प्रिंट-फ्रेंडली फॉर्मेट, मोबाइल पर पढ़ने योग्य
Jap Ji Sahib Hindi PDF Text Sample 1
Jap Ji Sahib Hindi PDF Text Sample 2
गावह मोहणीआ मन मोहन सुरगा मछ पयाले ॥ गावन रतन उपाए तेरे अठसठ तीरथ नाले ॥ गावह जोध महाबल सूरा गावह खाणी चारे ॥ गावहे खंड मंडल वरभंडा कर कर रखे धारे ॥ सेई तुधनो गावह जो तु भावन रते तेरे भगत रसाले ॥ होर केते गावन से मै चित न आवन नानक क्या वीचारे ॥ सोई सोई सदा सच साहिब साचा साची नाई ॥ है भी होसी जाए न जासी रचना जिन रचाई ॥ रंगी रंगी भाती कर कर जिनसी माया जिन उपाई ॥ कर कर वेखै कीता आपणा जिव तिस दी वडिआई ॥ जो तिस भावै सोई करसी हुकम न करणा जाई ॥ सो पातसाहो साहा पातसाहिब नानक रहण रजाई ॥२७॥Japji Sahib, Pauri 27th
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FAQs
क्या यह पीडीएफ मुफ्त है?
हाँ, जपजी साहिब हिंदी पीडीएफ पूरी तरह निःशुल्क डाउनलोड की जा सकती है।
इस पीडीएफ और हिंदी अनुवाद वाली पीडीएफ में क्या अंतर है?
यह पीडीएफ केवल पाठ (उच्चारण) के लिए है, बिना अर्थ के। हिंदी अर्थ सहित पीडीएफ के लिए जपजी साहिब हिंदी अनुवाद पीडीएफ देखें।












Sabse badhiya baat mujhe ismein ye lagi jo matra kaat ke di hui hai, nahi to mai hamesha galat gurbani padhti thi, is book se sahi sahi padh skti hu. Thank you for sharing.
Hindi mein is tarah ki Gurbani maine first time dekhi hai jise padhne mein effort nhi karna padta. Bahut bhut shukriya sir.