• About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
No Result
View All Result
Sikhizm
  • Sikhism Belief
    • Guru Granth Sahib
    • Body, Mind and Soul
    • Karma, Free Will and Grace
    • Miri-Piri Principle
    • Meat Eating
  • 10 Gurus
    • Guru Nanak Dev Ji
    • Guru Angad Dev Ji
    • Guru Amardas Ji
    • Guru Ramdas Ji
    • Guru Arjan Dev Ji
    • Guru Hargobind Sahib
    • Guru Har Rai Ji
    • Guru Harkrishan Sahib Ji
    • Guru Tegh Bahadur Ji
    • Guru Gobind Singh Ji
  • Gurbani Lyrics
  • Sikh History
  • Hukamnama
    • Hukamnama PDF
  • Downloads
    • Gurpurab Images
    • Sikh History
    • Biographies
  • Calendar
    • Nanakshahi 2026
    • Gurpurab Dates
    • Sangrand Dates
    • Puranmashi Dates
    • Masya Dates
  • Sikhism Belief
    • Guru Granth Sahib
    • Body, Mind and Soul
    • Karma, Free Will and Grace
    • Miri-Piri Principle
    • Meat Eating
  • 10 Gurus
    • Guru Nanak Dev Ji
    • Guru Angad Dev Ji
    • Guru Amardas Ji
    • Guru Ramdas Ji
    • Guru Arjan Dev Ji
    • Guru Hargobind Sahib
    • Guru Har Rai Ji
    • Guru Harkrishan Sahib Ji
    • Guru Tegh Bahadur Ji
    • Guru Gobind Singh Ji
  • Gurbani Lyrics
  • Sikh History
  • Hukamnama
    • Hukamnama PDF
  • Downloads
    • Gurpurab Images
    • Sikh History
    • Biographies
  • Calendar
    • Nanakshahi 2026
    • Gurpurab Dates
    • Sangrand Dates
    • Puranmashi Dates
    • Masya Dates
No Result
View All Result
Sikhizm
No Result
View All Result
Home Translation

Japji Sahib Hindi Meaning

Hindi Translation of Japji Sahib

July 18, 2025
in Downloads, Translation
Japji Sahib Hindi Meaning
535
SHARES
26.7k
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsApp Now

Table of Contents

  • 1. Japji Sahib Hindi Arth
  • 2. Japji Sahib Hindi Meaning Mool Mantra
  • 3. Japji Sahib Hindi Meaning Pauri #1
  • 4. Japji Sahib Hindi Meaning Pauri #3
  • 5. Japji Sahib Hindi Meaning Pauri #3
  • 6. Japji Sahib Hindi Meaning Pauri #4
  • 7. Japji Sahib Hindi Meaning Pauri #5
  • 8. Download Complete PDF - Japji Sahib Hindi Translation

1. Japji Sahib Hindi Arth

Japji Sahib is the most revered path from Sri Guru Granth Sahib as it is recited by millions of Sikhs around the globe during their morning prayers.

BookJapji Sahib Hindi Meaning
WriterGuru Nanak Dev Ji
TranslatorOpen Source
Included Pauris38
LanguageHindi

2. Japji Sahib Hindi Meaning Mool Mantra

ੴ सत नाम करता पुरख ... होसी भी सच ॥१॥

ੴ- इस शब्द का शुद्ध उच्चारण है - 'एक ओंकार'। इसके उच्चारण में इसके तीन अंश किए जाते हैं। इन तीनों के भावार्थ भी अलग-अलग ही हैं। १ - एक (अद्वितीय)। ऑ- वही। ओंकार (~) निरंकार ; अर्थात्-ब्रह्म, करतार, ईश्वर, परमात्मा, भगवान, वाहिगुरु ।

१ ऑ- निरंकार वही एक है। सति नामु - उसका नाम सत्य है। करता - वह सृष्टि व उसके जीवों की रचना करने वाला है। पुरखु - वह यह सब कुछ करने में परिपूर्ण (शक्तिवान) है। निरभउ - उसमें किसी तरह का भय व्याप्त नहीं। अर्थात् - अन्य देव-दैत्यों तथा सांसारिक जीवों की भाँति उसमें द्वेष अथवा जन्म-मरण का भय नहीं है ; वह इन सबसे परे हैं। निरवैरु- वह बैर (द्वेष/दुश्मनी) से रहित है। अकाल- वह काल (मृत्यु) से परे है; अर्थात्-वह अविनाशी है। मूरति - वह अविनाशी होने के कारण उसका अस्तित्व सदैव रहता है। अजूनी - वह कोई योनि धारण नहीं करता, क्योंकि वह आवागमन के चक्कर से रहित है। सैभं - वह स्वयं से प्रकाशमान हुआ है। गुर - अंधकार (अज्ञान) में प्रकाश (ज्ञान) करने वाला (गुरु)। प्रसादि- कृपा की बख्शिश। अर्थात्-गुरु की कृपा से यह सब उपलब्ध हो सकता है।

जाप करो। (इसे गुरु की वाणी का शीर्षक भी माना गया है।) निरंकार (अकाल पुरुष) सृष्टि की रचना से पहले सत्य था, युगों के प्रारम्भ में भी सत्य (स्वरूप) था। अब वर्तमान में भी उसी का अस्तित्व है, श्री गुरु नानक देव जी का कथन है भविष्य में भी उसी सत्यस्वरूप निरंकार का अस्तित्व होगा।

3. Japji Sahib Hindi Meaning Pauri #1

सोचै सोच न होवई... नानक लिखिआ नाल ॥१॥

यदि कोई लाख बार शौच (स्नानादि) करता रहे तो भी इस शरीर के बाहरी स्नान से मन की पवित्रता नहीं हो सकती। मन की पवित्रता के बिना परमेश्वर (वाहिगुरु) के प्रति विचार भी नहीं किया जा सकता। यदि कोई एकाग्रचित्त समाधि लगाकर मुँह से चुप्पी धारण कर ले तो भी मन की शांति (चुप) प्राप्त नहीं हो सकती; जब तक कि मन से झूठे विकार नहीं निकल जाते। बेशक कोई जगत् की समस्त पुरियों के पदार्थों को ग्रहण कर ले तो भी पेट से भूखे रह कर (व्रत आदि करके) इस मन की तृष्णा रूपी भूख को नहीं मिटा सकता।

चाहे किसी के पास हज़ारों-लाखों चतुराई भरे विचार हों लेकिन ये सब अहंयुक्त होने के कारण परमेश्वर तक पहुँचने में कभी सहायक नहीं होते। अब प्रश्न पैदा होता है कि फिर परमात्मा के समक्ष सत्य का प्रकाश पुंज कैसे बना जा सकता है, हमारे और निरंकार के बीच मिथ्या की जो दीवार है वह कैसे टूट सकती है ? सत्य रूप होने का मार्ग बताते हुए श्री गुरु नानक देव जी कथन करते हैं - यह सृष्टि के प्रारंभ से ही लिखा चला आ रहा है कि ईश्वर के आदेश अधीन चलने से ही सांसारिक प्राणी यह सब कर सकता है ।1।

4. Japji Sahib Hindi Meaning Pauri #3

हुकमी होवन आकार... हओमै कहै न कोए ॥२॥

(सृष्टि की रचना में) समस्त शरीर (निरंकार के) आदेश द्वारा ही रचे गए हैं, किन्तु उसके आदेश को मुँह से शब्द निकाल कर ब्यान नहीं किया जा सकता। परमेश्वर के आदेश से (इस धरा पर) अनेकानेक योनियों में जीवों का सृजन होता है, उसी के आदेश से ही मान-सम्मान (अथवा ऊँच - नीच का पद) प्राप्त होता है। परमेश्वर (वाहिगुरु) के आदेश से ही जीव श्रेष्ठ अथवा निम्न जीवन प्राप्त करता है, उसके द्वारा ही लिखे गए आदेश से जीव सुख और दुख की अनुभूति करता है।

परमात्मा के आदेश से ही कई जीवों को कृपा मिलती है, कई उसके आदेश से आवागमन के चक्र में फँसे रहते हैं। उस सर्वोच्च शक्ति परमेश्वर के अधीन ही सब-कुछ रहता है, उससे बाहर संसार का कोई कार्य नहीं है। हे नानक ! यदि जीव उस अकाल पुरुष के आदेश को प्रसन्नचित्त होकर जान ले तो कोई भी आहंकारमयी 'मैं' के वश में नहीं रहेगा। यही अहंतत्व सांसारिक वैभव में लिप्त प्राणी को निरंकार के निकट नहीं होने देता॥ २ ॥ (परमेश्वर की कृपा से ही) जिस किसी के पास आत्मिक शक्ति है, वही उस (सर्वशक्तिमान) की ताकत का यश गायन कर सकता है।

कोई उसके द्वारा प्रदत बख्शिशों को (उसकी) कृपादृष्टि मानकर ही उसकी कीर्ति का गुणगान कर रहा है। कोई जीव उसके अकथनीय गुणों व महिमा को गा रहा है। कोई उसके विषम विचारों (ज्ञान) का गान विद्या द्वारा कर रहा है। कोई उसका गुणगान रचयिता व संहारक ईश्वर का रूप जानकर करता है। कोई उसका बखान इस प्रकार करता है कि वह परम सत्ता जीवन देकर फिर वापिस ले लेती है। कोई जीव उस निरंकार को स्वयं से दूर जानकर उसका यश गाता है।2।

5. Japji Sahib Hindi Meaning Pauri #3

गावै को ताण... नानक विगसै वेपरवाहो ॥३॥

कोई उसे अपने अंग-संग जानकर उसकी महिमा गाता है। अनेकानेक ने उसकी कीर्ति का कथन किया है किन्तु फिर अन्त नहीं हुआ। करोड़ों जीवों ने उसके गुणों का कथन किया है, फिर भी-उसका वास्तविक स्वरूप पाया नहीं जा सका। अकाल पुरुष दाता बनकर जीव को भौतिक पदार्थ (अथक) देता ही जा रहा है, (परंतु) जीव लेते हुए थक जाता है।

समस्त जीव युगों-युगों से इन पदार्थों का भोग करते आ रहे हैं। आदेश करने वाले निरंकार की इच्छा से ही (सम्पूर्ण सृष्टि के) मार्ग चल रहे हैं। श्री गुरु नानक देव जी सृष्टि के जीवों को सुचेत करते हुए कहते हैं कि वह निरंकार (वाहिगुरु) चिंता रहित होकर (इस संसार के जीवों पर) सदैव प्रसन्न रहता है॥ ३॥

6. Japji Sahib Hindi Meaning Pauri #4

साचा साहिब... सभ आपे सचिआर ॥४॥

वह अकाल पुरुष (निरंकार) अपने सत्य नाम के साथ स्वयं भी सत्य है, उस (सत्य एवं सत्य नाम वाले) को प्रेम करने वाले ही अनंत कहते हैं। (समस्त देव, दैत्य, मनुष्य तथा पशु इत्यादि) जीव कहते रहते हैं, माँगते रहते हैं, (भौतिक पदार्थ) दे दे करते हैं, वह दाता (परमात्मा) सभी को देता ही रहता है। अब प्रश्न उत्पन्न होते हैं कि (जैसे अन्य राजा - महाराजाओं के समक्ष कुछ भेंट लेकर जाते हैं वैसे ही) उस परिपूर्ण परमात्मा के समक्ष क्या भेंट ले जाई जाए कि उसका द्वार सरलता से दिखाई दे जाए ?

जुबां से उसका गुणगान किस प्रकार का करें कि सुनकर वह अनंत शक्ति (ईश्वर) हमें प्रेम- प्रशाद प्रदान करे ? इनका उत्तर गुरु महाराज स्पष्ट करते हैं कि प्रभात काल (अमृत वेला) में (जिस समय व्यक्ति का मन आम तौर पर सांसारिक उलझनों से विरक्त होता है) उस सत्य नाम वाले अकाल पुरुष का नाम-स्मरण करें और उसकी महिमा का गान करें, तभी उसका प्रेम प्राप्त कर सकते हैं।

(इससे यदि उसकी कृपा हो जाए तो) गुरु जी बताते हैं कि कर्म मात्र से जीव को यह शरीर रूपी कपड़ा अर्थात् मानव जन्म प्राप्त होता है, इससे मुक्ति नहीं मिलती, मोक्ष प्राप्त करने के लिए उसकी कृपामयी दृष्टि चाहिए। हे नानक ! इस प्रकार का बोध ग्रहण करो कि वह सत्य स्वरूप निरंकार ही सर्वस्व है इससे मनुष्य की समस्त शंकाएँ मिट जाएँगी॥ ४ ॥

7. Japji Sahib Hindi Meaning Pauri #5

थापेआ न जाए... सो मै विसर न जाई ॥५॥

वह परमात्मा किसी के द्वारा मूर्त रूप में स्थापित नहीं किया जा सकता, न ही उसे बनाया जा सकता है। वह मायातीत होकर स्वयं से ही प्रकाशमान है। जिस मानव ने उस ईश्वर का नाम-स्मरण किया है उसी ने उसके दरबार में सम्मान प्राप्त किया है। श्री गुरु नानक देव जी का कथन है कि उस गुणों के भण्डार निरंकार की बंदगी करनी चाहिए। उसका गुणगान करते हुए, प्रशंसा सुनते हुए अपने ह्रदय में उसके प्रति श्रद्धा धारण करें। ऐसा करने से दुखों का नाश होकर घर में सुखों का वास हो जाता है।

गुरु के मुँह से निकला हुआ शब्द ही वेदों का ज्ञान है, वही उपदेश रूपी ज्ञान सभी जगह विद्यमान है। गुरु ही शिव, विष्णु, ब्रह्मा और माता पार्वती है, क्योंकि गुरु परम शक्ति हैं। यदि मैं उस सर्गुण स्वरूप परमात्मा के बारे में जानता भी हूँ तो उसे कथन नहीं कर सकता, क्योंकि उसका कथन किया ही नहीं जा सकता। हे सच्चे गुरु ! मुझे सिर्फ यही समझा दो कि समस्त जीवों का जो एकमात्र दाता है मैं कभी भी उसे भूल न पाऊं ॥ ५॥

8. Download Complete PDF - Japji Sahib Hindi Translation

To check out the simple Hindi translation of the entire baani of Japji Sahib पौड़ी 1-38, please click the download button below:

Download Now

Tags: hindi japji sahibhindi japji sahib pdfjapji hindijapji hindi pdfjapji sahib hindi anuvadjapji sahib hindi arthjapji sahib hindi lyricsjapji sahib hindi meaningjapji sahib hindi meinjapji sahib hindi pdf downloadjapji sahib ka hindi arthjapji sahib translation in hindijapji sahib translation pdf
Previous Post

Faridkot Teeka PDF of Sri Guru Granth Sahib in Punjabi

Next Post

Guru Harkrishan Ji Parkash Gurpurab 2025 Wishes | Images

Related Entries

Japji Sahib in Hindi

Japji Sahib in Hindi | Complete Path With Correct Pronunciation

July 6, 2024
Jap Nisaan Giani Sant Singh Maskeen Ji PDF

Jap Nisaan – Giani Sant Singh Maskeen PDF

October 25, 2023
Jap Samhita Japji Hindi Translation PDF Book

Jap Samhita (जप संहिता): Jap Ji Sahib Hindi Translation [PDF]

October 25, 2023
Japji Sahib Hindi TranslationThumb

Japji Sahib Hindi Translation

October 25, 2023
Next Post
Guru Harkrishan Sahib Ji - Parkash Gurpurab Wishes

Guru Harkrishan Ji Parkash Gurpurab 2025 Wishes | Images

Guru Harkrishan Ji Parkash Purab 2023 Wishes Image

Guru Harkrishan Ji Parkash Purab 2025 Wishes Image

Comments 2

  1. Kanwal J Singh says:
    2 years ago

    Excellent Translation – Must Read and Follow

    Reply
  2. Mohit Dureja says:
    1 year ago

    This is what I was looking for long time…now I understand the whole lines written by Guru Nanak ji.

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Today's Hukamnama Darbar Sahib

Mere Saha Main Har Darshan Sukh Hoye
Hukamnama

Mere Saha Main Har Darshan Sukh Hoye

August 2, 2026
0

Mere Saha Mai Har Darsan Sukh Hoye, Hamri Bedan Tu Jaanta Saaha Avar Kia Jaanai...

Read moreDetails

Recent Posts

Aisi Lal Tujh Bin Kaun
Gurbani Lyrics

Aisi Laal Tujh Bin Kaun Kare Lyrics, Meaning & Full Shabad

July 23, 2026
0

Aisi Laal Tujh Bin Kaun Kare Lyrics & Meaning...

Read moreDetails
Miri Piri Diwas, Meeri Peeri Dihara Sri Guru Hargobind Sahib Ji

Miri Piri Diwas 2026 Guru Hargobind Sahib Ji | Gurpurab Images

July 24, 2026
Guru Hargobind's Miri Piri Diwas

Guru Hargobind’s Miri Piri Day 2026 Wishes Image

July 23, 2026
Miri Piri Diwas 2026 Guru Hargobind Sahib Ji

Miri Piri Diwas 2026 Wishes Image Download

July 23, 2026
aisi preet karo man mere lyrics

Aisi Preet Karo Man Mere Lyrics with Meaning | Gurbani Shabad

July 16, 2026

Sikhizm is a Website and Blog delivering Daily Hukamnamah from Sri Darbar Sahib, Harmandir Sahib (Golden Temple, Sri Amritsar Sahib), Translation & Transliteration of Guru Granth Sahib, Gurbani Videos, Facts and Articles on Sikh Faith, Books in PDF Format related to Sikh Religion and Its History.

Latest Downloads

Bhai Taru Singh Ji Shaheedi Diwas 2026

Shaheedi Purab Bhai Taru Singh Ji 2026 Image

Bhai Taru Singh Ji Martyrdom Day 2026 Image

Sangrand July 2026: Sawan Month Hukamnama & Wishes

Bhai Mani Singh Shaheedi Diwas 2026

Latest Posts

Mere Saha Main Har Darshan Sukh Hoye

Mukand Mukand Japo Sansar

Kacha Rang Kasumbh Ka

Gobind Gun Gaavan Laage

Bidya Na Parho Baad Na Jano

Mangal Saaj Bhaya Prabh Apna Gaya Ram

Join Channel Support
  • Nanakshahi Calendar
  • Gurpurabs
  • Sangrand
  • Masya Dates
  • Puranmashi

© 2026 Sikhizm

No Result
View All Result
  • Sikhism Belief
    • Guru Granth Sahib
    • Body, Mind and Soul
    • Karma, Free Will and Grace
    • Miri-Piri Principle
    • Meat Eating
  • 10 Gurus
    • Guru Nanak Dev Ji
    • Guru Angad Dev Ji
    • Guru Amardas Ji
    • Guru Ramdas Ji
    • Guru Arjan Dev Ji
    • Guru Hargobind Sahib
    • Guru Har Rai Ji
    • Guru Harkrishan Sahib Ji
    • Guru Tegh Bahadur Ji
    • Guru Gobind Singh Ji
  • Gurbani Lyrics
  • Sikh History
  • Hukamnama
    • Hukamnama PDF
  • Downloads
    • Gurpurab Images
    • Sikh History
    • Biographies
  • Calendar
    • Nanakshahi 2026
    • Gurpurab Dates
    • Sangrand Dates
    • Puranmashi Dates
    • Masya Dates

© 2026 Sikhizm

This website uses cookies. By continuing to use this website you are giving consent to cookies being used. Visit our Privacy and Cookie Policy.