ਜੀਉ ਡਰਤੁ ਹੈ ਆਪਣਾ ਕੈ ਸਿਉ ਕਰੀ ਪੁਕਾਰ

Jio Darat Hai Apna

Jio Darat Hai Apna, Kai So Kari Pukaar, is Today’s Mukhwak from Morning Parkash of Sri Guru Granth Sahib Ji at Darbar Sahib, Amritsar on dated August 1, 2021. Creator of the Hukam – the Order is Sri Guru Nanak Dev Ji, documented on Ang 660 of SGGS Ji in Raga Dhansari.

Hukamnama ਜੀਉ ਡਰਤੁ ਹੈ ਆਪਣਾ ਕੈ ਸਿਉ ਕਰੀ ਪੁਕਾਰ
Place Darbar Sri Harmandir Sahib Ji, Amritsar
Ang 660
Creator Guru Nanak Dev Ji
Raag Dhanasari
Date CE August 1, 2021
Date Nanakshahi ਸਾਵਣ ੧੭, ੫੫੩
Format JPEG, PDF, Text
Translations English, Hindi
Transliterations Punjabi, English, Hindi
Hukamnama Darbar Sahib, Amritsar
ਧਨਾਸਰੀ ਮਹਲਾ ੧ ਘਰੁ ੧ ਚਉਪਦੇ
ੴ ਸਤਿ ਨਾਮੁ ਕਰਤਾ ਪੁਰਖੁ ਨਿਰਭਉ ਨਿਰਵੈਰੁ ਅਕਾਲ ਮੂਰਤਿ ਅਜੂਨੀ ਸੈਭੰ ਗੁਰ ਪ੍ਰਸਾਦਿ ॥
ਜੀਉ ਡਰਤੁ ਹੈ ਆਪਣਾ ਕੈ ਸਿਉ ਕਰੀ ਪੁਕਾਰ ॥ ਦੂਖ ਵਿਸਾਰਣੁ ਸੇਵਿਆ ਸਦਾ ਸਦਾ ਦਾਤਾਰੁ ॥੧॥ ਸਾਹਿਬੁ ਮੇਰਾ ਨੀਤ ਨਵਾ ਸਦਾ ਸਦਾ ਦਾਤਾਰੁ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥ ਅਨਦਿਨੁ ਸਾਹਿਬ ਸੇਵੀਐ ਅੰਤਿ ਛਡਾਏ ਸੋਇ ॥ ਸੁਣਿ ਸੁਣਿ ਮੇਰੀ ਕਾਮਣੀ ਪਾਰਿ ਉਤਾਰਾ ਹੋਇ ॥੨॥ ਦਇਆਲ ਤੇਰੈ ਨਾਮਿ ਤਰਾ ॥ ਸਦ ਕੁਰਬਾਣੈ ਜਾਉ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥ ਸਰਬੰ ਸਾਚਾ ਏਕੁ ਹੈ ਦੂਜਾ ਨਾਹੀ ਕੋਇ ॥ ਤਾ ਕੀ ਸੇਵਾ ਸੋ ਕਰੇ ਜਾ ਕਉ ਨਦਰਿ ਕਰੇ ॥੩॥ ਤੁਧੁ ਬਾਝੁ ਪਿਆਰੇ ਕੇਵ ਰਹਾ ॥ ਸਾ ਵਡਿਆਈ ਦੇਹਿ ਜਿਤੁ ਨਾਮਿ ਤੇਰੇ ਲਾਗਿ ਰਹਾਂ ॥ ਦੂਜਾ ਨਾਹੀ ਕੋਇ ਜਿਸੁ ਆਗੈ ਪਿਆਰੇ ਜਾਇ ਕਹਾ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥ ਸੇਵੀ ਸਾਹਿਬ ਆਪਣਾ ਅਵਰੁ ਨ ਜਾਚੰਉ ਕੋਇ ॥ ਨਾਨਕੁ ਤਾ ਕਾ ਦਾਸੁ ਹੈ ਬਿੰਦ ਬਿੰਦ ਚੁਖ ਚੁਖ ਹੋਇ ॥੪॥ ਸਾਹਿਬ ਤੇਰੇ ਨਾਮ ਵਿਟਹੁ ਬਿੰਦ ਬਿੰਦ ਚੁਖ ਚੁਖ ਹੋਇ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥੪॥੧॥

English Translation

Dhanasri Mahala -1 Ghar -1 Choupade’ Ik onkar satnam karta purkh nirbhou nirvair akal moorat ajooni saibhung Gur prasad. ( Jio Darat Hai Apna )

“By The Grace of the one Lord-Sublime, Truth personified the creator (Prime-male) fearless, with enmity to none, deathless, free from the cycle of rebirths, self-effulgent and attainable through the Guru’s guidance.” O, True Master! Whom else should I go to with my ( wailings) prayers except You, as my heart is full of doubts and fears? I am always worshipping and serving the Lord-benefactor who is the destroyer of all our ills and sufferings. (1)

O, Brother! My Lord is ever fresh and new, who is bestowing His favors on us always, being our Lord – benefactor. (Pause – 1) Let us always serve and remember the Lord (day and night) who protects us against the onslaughts of the Yama (god of death) at the time of death. When I listen to the Guru’s Word, full of wisdom, I am enabled to cross this ocean of life successfully by the Lord-spouse. (like the wedded woman obeying the ordains other spouse). (2)

O, Lord- benefactor!

I would be enabled to attain salvation by reciting Your True Name, as such I always offer myself as a sacrifice to the Lord. (Pause – 1) O, Lord! There is only one Lord who is Truth personified and there is none else in the whole world (on par with Him). But only the person, blessed with Your Grace, could recite Your True Name, and serve You through Your benevolence. (3)

O, beloved Lord! How could I exist (live) without the support of Your True Name? May the Lord bestow His Grace on me, so that I could always sing His praises by reciting True Name. O, Lord! There is nobody else, whom I could approach with my prayers and supplications. (Pause – 1 ) O, Lord! I always serve You, looking upon You as my only saviourandTrueMasterandneverseekanyfavoursfromsomeone else. O, Nanak! I am the slave of the slaves of the Lord, as such, I would offer myself as a sacrifice to the Lord and surrender completely to Him. (offer myself in bits and pieces). (4)

O, True Master! I would offer myself as a sacrifice to the Lord by reciting True Name all the time. (Pause – 1- 4 -1)

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Download HukamnamaDate: 01-08-2021

Hukamnama in Hindi

धनासरी महला १ घरु १ चउपदे ੴ सति नाम करता पुरख निरभउ निरवैरु अकाल मूरत अजूनी सैभं(ग) गुर प्रसादि ॥
जीओ डरत है आपणा कै सिओ करी पुकार ॥ दूख विसारण सेवेआ सदा सदा दातार ॥१॥ साहिब मेरा नीत नवा सदा सदा दातार ॥१॥ रहाओ ॥ अनदिन साहिब सेवीऐ अंत छडाए सोए ॥ सुण सुण मेरी कामणी पार उतारा होए ॥२॥ दयाल तेरै नाम तरा ॥ सद कुरबाणै जाओ ॥१॥ रहाओ ॥ सरबं साचा एक है दूजा नाही कोए ॥ ता की सेवा सो करे जा कओ नदर करे ॥३॥ तुध बाझ प्यारे केव रहा ॥ सा वडिआई देहि जित नाम तेरे लाग रहां ॥ दूजा नाही कोए जिस आगै प्यारे जाए कहा ॥१॥ रहाओ ॥ सेवी साहिब आपणा अवर न जाचंओ कोए ॥ नानक ता का दास है बिंद बिंद चुख चुख होए ॥४॥ साहिब तेरे नाम विटहु बिंद बिंद चुख चुख होए ॥१॥ रहाउ ॥४॥१॥

Hukamnama meaning in Hindi

धनासरी महला १ घरु १ चउपदे औंकार वही एक है, उसका नाम सत्य है, वह सृष्टि एवं जीवो की रचना करने वाला है, वह सर्वशक्तिमान है, उसे किसी प्रकार का कोई भय नहीं है, वह अजातशत्रु, अकालमूर्ति कोई योनि धारण नहीं करता, वह स्वयंभू है, जिसे गुरु की कृपा से ही पाया जाता है।

Jio Darat Hai Apna, Kai So Kari Pukaar? मेरी आत्मा डर रही है, मैं किसके पास पुकार करूं ? इसलिए मैंने तो सब दुःख भुलाने वाले परमात्मा की ही उपासना की है, जो सदैव ही जीवो को देने वाला है ॥ १ ॥

मेरा मालिक नित्य ही नविन है और वह हमेशा है सबको देने वाला है |॥ १ ॥ रहाउ॥ निशदिन उस मालिक की सेवा करते रहना चाहिए, क्योंकि अंत में वही यम से मुक्त करवाता है। हे मेरी प्राण रूपी कामिनी ! प्रभु का नाम सुनकर तेरा भवसागर से कल्याण हो जाएगा ॥२ ॥

हे दयालु परमात्मा ! तेरे नाम द्वारा मैं संसार-सागर से पार हो जाऊँगा। मैं तुझ पर सदैव ही कुर्बान जाता हूँ।॥ १ ॥ रहाउ॥ सबका मालिक एक सत्यस्वरूप ईश्वर ही सर्वव्यापी है, अन्य दूसरा कोई सत्य नहीं है। उसकी सेवा वही करता है, जिस पर वह अपनी करुणा-दृष्टि करता है॥३।

हे मेरे प्यारे ! तेरे बिना मैं कैसे रह सकता हूँ? मुझे वही बड़ाई प्रदान करो, जिससे मैं तेरे नाम-सिमरन में लगा रहूँ। हे मेरे प्यारे! कोई अन्य दूसरा है ही नहीं, जिसके समक्ष मैं अनुरोध करूं।॥ १ ॥ रहाउ ॥ मैं तो अपने उस मालिक की ही सेवा करता रहता हूँ एवं किसी दूसरे से मैं कुछ नहीं माँगता। नानक तो उस मालिक का दास है और हर क्षण उस पर टुकड़े-टुकड़े होकर कुर्बान जाता है।४।

हे मेरे मालिक ! हर क्षण मैं तेरे नाम पर टुकड़े-टुकड़े होकर कुर्बान जाता हूँ।॥ १ ॥ रहाउ।४ ॥१॥

 

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